शिरडी मंदिर की जानकारी

शिरडी मंदिर की जानकारी, shirdi ki jankari in hindi

हेलो दोस्तों में आपका दोस्त मनोज कुमार, एक बार आपके सामने लाया हु शिरडी दर्शन की जानकारी. शिरडी घूमने के लिए में अपने परिवार के साथ इसी महीने 7, September 2018 में गया था. में पहली बार यहाँ घूमने गया, इसलिए मुझे काफी दिक्क्तों का सामना करना पड़ा. लेकिन अब मुझे सारी जानकारी हो गयी है शिरडी की. जो की में अब आप लोगो के साथ साझा करने जा रहा हु. आये अब चलते है शिरडी साई बाबा के धाम. शिरडी एक प्रमुख धार्मिक स्थल है जो महाराष्ट्र में स्थित है हर साल लाखों की संख्या में पर्यटक शिरडी के साईं बाबा के दर्शनों के लिए पहुंचते हैं.

शिरडी जाने से पहले प्रत्येक व्यक्ति के दिमाग में कई सवाल एक साथ आते हैं जैसे शिरडी कैसे पहुंचे, शिरडी में कहां ठहरें और शिरडी जाने का सबसे अच्छा समय आदि. यहां हम आपके इन सभी सवालों के जवाब दे रहे हैं. साईं बाबा का प्रसिद्ध और विशाल मन्दिर यहाँ है, जिसके दर्शनों के लिए सिर्फ़ भारत ही नहीं अपितु विदेशों से भी काफ़ी बड़ी संख्या में भक्तजन आते हैं. ‘शिरडी ही साईं बाबा है और साईं बाबा ही शिरडी’, एक दूसरे का प्रत्यक्ष पर्यायवाची होने के साथ-साथ यह आध्यामिक स्थान भी है. गोदावरी नदी पार करने के पश्चात् मार्ग सीधा शिरडी को जाता है. आठ मील चलने पर जब यात्री नीमगाँव पहुँचते हैं तो वहाँ से शिरडी दृष्टिगोचर होने लगती है.

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शिरडी जाने का बेस्ट टाइम Shirdi jane ka sahi samy

शिरडी पूरे साल कभी जा सकते हैं लेकिन धार्मिक स्थल होने के कारण खास मौकों पर काफी भीड़भरा होता है खासतौर पर गर्मियों की छुट्टियों के दौरान इसलिए अक्टूबर से मार्च सबसे अच्छा समय है क्योंकि इस दौरान यहां ज्यादा भीड़ नहीं होती. इसके अलावा सोमवार और शुक्रवार के दिन भी मंदिर में कम भीड़ होती है. छुट्टी वाले दिन, वीकेंड या किसी धार्मिक त्योहार के समय यहां जाने से बचें. हर गुरुवार को साईं बाबा की पालकी निकाली जाती है और इस दिन भी यहां काफी भीड़ होती है.

शिरडी कैसे पहुँचें Shirdi kese pahuche

शिरडी आप सड़क, वायुमार्ग या ट्रेन तीनो ही तरीकों से पहुंच सकते हैं. शिरडी महाराष्ट्र के सभी प्रमुख जिलों से सड़क मार्ग के जरिए अच्छी तरह जुड़ा है. आप महाराष्ट्र में कहीं से भी टैक्सी या कैब करके शिरडी जा सकते हैं अगर महाराष्ट्र के स्थानीय जीवन को करीब से देखना चाहते हैं तो महाराष्ट्र स्टेट ट्रांसपोर्ट की बस से जा सकते हैं जो नियमित रूप से महाराष्ट्र के अलग-अलग शहरों से शिरडी के लिए चलती हैं. शिरडी में एयरपोर्ट को हाल ही में मंजूरी मिली है लेकिन अभी यहां से फ्लाइट संचालन शुरू नहीं हुआ है. चार सौ हेक्टेयर में फैले इस एयरपोर्ट से उड़ान भरने के लिए कई एयरलाइन कंपनियों ने तैयारियां भी शुरू कर दी हैं. फिलहाल शिरडी का सबसे नजदीकी एयरपोर्ट औरंगाबाद है जो यहां से करीब 115 किलोमीटर दूर है. इसके अलावा मुंबई एयरपोर्ट 250 किलोमीटर और पुणे एयरपोर्ट करीब 200 किलोमीटर दूर है.

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आप ट्रेन के जरिए भी शिरडी पहुंच सकते हैं हाल ही में शिरडी रेलवे स्टेशन की शुरुआत हुई है इसे साईंनगर रेलवे स्टेशन कहते हैं यह साईं मंदिर से केवल 10 किलोमीटर दूर है. अगर आपको साईं नगर के लिए टिकट नहीं मिलती है तो आप शिरडी के नजदीकी दूसरे स्टेशन की टिकट भी बुक करवा सकते हैं आप कोपरगांव (15 किलोमीटर), मनमाड ( 58 किलोमीटर) या नासिक रोड (85 किलोमीटर) की टिकट भी बुक करवा सकते हैं. मुंबई से रोज रात को 10:55 बजे शिरडी पैसेंजर खुलती है तो दादर से हफ्ते में तीन दिन शिरडी के लिए एक्सप्रेस ट्रेन भी है. अगर यात्री समूह में नहीं हैं तो वे स्टेशन से शिरडी जाने के लिए मैजिक कर सकते हैं, जिसका किराया प्रति व्यक्ति 30 रुपए है.

शिरडी में कहाँ रुके Shirdi me kaha ruke

साई बाबा के धाम शिरडी में साईं भक्तों के रुकने के लिए बहुत सी होटलो की व्यवस्था है. लेकिन वो बहुत ही महंगे भी है. इसलिए हम आपको रुकने के लिए एक ऐसी जंगह बतायेगे, जो की सस्ती भी है साथ ही सुविधाओं से लेस भी है. यहाँ पर रुकने के लिए एक साई ट्रस्ट भी बनाया गया है. जिसमे लोगो की भीड़ के अनुसार काफी मात्रा में कमरे बनाये गए. यहाँ पर अलग अलग कमरों में देशी और विदेशी टॉयलेट की सुविधाएं है. यहाँ पर सामान रखने के लिए लॉकर की भी सुविधाएं है.

यहाँ पर आप बिना रूम के भी आसानी से रुक सकते है यहाँ से साई मंदिर की दुरी ज्यादा नहीं है. दुरी लगभग तीन से चार किलोमीटर होगी. साई ट्रस्ट की आप वेबसाइट के जरिये एडवांस बुकिंग भी करा सकते है. यहाँ के नॉन AC कमरों का किराया 200 रुपया है और AC के साथ 400. यहाँ पर हर सुबह खाने के लिए प्रसाद भी मिलता है जिसकी कीमत मात्र 5 रुपए है और दोपहर में भोजन की भी व्यवस्था फ्री में है. यहाँ से साई मंदिर पर जाने के लिए सुबह से शाम तक फ्री में बस सेवा भी मोजूद है.

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साई बाबा के दर्शन कैसे करे Sai baba ke darshan kese kere

पीक सीजन में दर्शन के समय का कोई अंदाजा नहीं है इसमें कई घंटे भी लग सकते हैं और खाली समय के दौरान आप 1 घंटे में भी दर्शन करके बाहर आ सकते हैं. अगर आप लंबी लाइन में नहीं लगना चाहते हैं और जल्दी दर्शन करना चाहते हैं तो दर्शन की 200 रुपए में ऑनलाइन बुकिंग कर सकते हैं.

साई बाबा की आरती Sai baba ki arti

दिन में पांच बार साईं आरती होती है सुबह 4.15 बजे सबसे पहले भूपाली आरती है इसके बाद 4.30 बजे काकड़ आरती, दोपहर 12 बजे मध्यान आरती, सूर्यास्त के समय धूप आरती और रात 10.30 बजे सेज आरती होती है. अगर आप आरती का हिस्सा बनना चाहते हैं तो ऑनलाइन 400 रुपए रजिस्ट्रेशन के चुकाकर किसी भी आरती का हिस्सा बन सकते हैं.

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साई बाबा की समाधी का मंदिर Sai baba ki Samadhi ka temple

शिरडी में साईं बाबा का समाधि मंदिर है. कई श्रद्धालु यहाँ बाबा की समाधि पर चादर चढ़ाते हैं. ये सवा दो मीटर लंबी और एक मीटर चौड़ी होती है. समान्य दिनों में भी यहाँ श्रद्धालुओं की इतनी भीड़ होती है कि दर्शन में एक घंटे तो लग ही जाते हैं. गुरुवार को कई घंटे लग सकते हैं. समाधि मंदिर के अलावा यहाँ द्वारकामाई का मंदिर चावडी और ताजिमखान बाबा चौक पर साईं भक्त अब्दुल्ला की झोपड़ी है. साई बाबा ने शिरडी में 1918 में समाधि ली थी. इससे पहले वे कई दशक शिरडी में रहे और इस दौरान कई चमत्कार किए. लोग कहते हैं कि साई बाबा ने कहा था कि एक समय आएगा, जब शिरडी में दूर-दूर से लोग आएँगे. साईं मंदिर में चार समय आरती होती है. ‘काकड़ आरती’ (प्रातःकालीन), ‘मध्याह्न आरती’, ‘धूप आरती’ और ‘सेज आरती’.

साई बाबा का प्रसाद Sai baba ka prasad

भारत के प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों में शिरडी का अपना एक अलग ही महत्व है, और ये महत्व पिछले थोड़े से वक्त में ही काफ़ी बढ़ गया है. हर रोज तकरीबन 40 से 50 हजार श्रद्धालु साईं बाबा के दर्शनों के लिए शिरडी आते हैं. मुख्य मंदिर के अंदर और बाहर काफ़ी अच्छी व्यवस्थाएँ की गई हैं. श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए भी बेहतर इंतजाम है. बाबा के दर्शन के साथ-साथ शिरडी में अगर कुछ और देखने लायक है तो वह है बोर्ड द्वारा तैयार किया गया नवीन प्रसादालय (डायनिंग हॉल). एशिया के इस सबसे बड़े डायनिंग हॉल में एक बार में 5500 लोग बैठकर खाना खा सकते हैं. एक दिन में यहाँ 100,000 लोगों को भोजन कराने की व्यवस्था है. 7.5 एकड़ में फैले इस प्रसादालय को 240 मिलियन रुपए की लागत से तैयार किया गया है.

शिरडी बोर्ड सालाना तकरीबन 190 मिलियन खाने पर ही खर्च करता है. प्रसादालय में खाने के दो तरह के कूपन मिलते हैं- पहला साधारण कूपन, जिसके लिए महज 10 रुपए चुकाने होते हैं और दूसरा वीआईपी कूपन, जो बस थोड़ा सा महंगा है. डायनिंग हॉल की एक और जो सबसे बड़ी ख़ासियत है, वह है साफ-सफाई. सफाई का आलम यहाँ ये है कि एक मक्खी तक नजर नहीं आती. सेवा कार्य में लगे कर्मचारी भी साफ-सुथरे कपड़ों के साथ हाथों में दस्ताने पहनकर प्रसाद वितरित करते हैं. प्रसादालय तक जाने के लिए बोर्ड की तरफ से बस भी चलाई जाती है, लेकिन रास्ता इतनी लंबा भी नहीं है कि बस की ज़रूरत पड़े. श्रद्धालु अगर चाहें तो पैदल भी जा सकते हैं.

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तो दोस्तों अब आपका भी मन कर रहा होगा साई बाबा के धाम शिरडी जाने का. तो देर किस बात की चले जाये शिरडी धाम. आपको हमारी ये पोस्ट कैसी लगी इसके बारे में हमे जरूर बताये साथ ही हमारी ये पोस्ट लाइक और शेयर भी करे. धन्यवाद्

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