मसूरी के बारे में जानकारी

मसूरी के बारे में जानकारी, masuri me ghumne ki jagah

हैलो दोस्तों में आपका दोस्त मनोज कुमार एक बार फिर से आपके सामने प्रस्तुत हुआ हु, इस बार में आपको अपनी मसूरी के यात्रा के बारे में बताने जा रहा हु. मैंने मसूरी में बहुत कुछ मिस किया था, क्युकी में जब यहाँ पर घूमने के लिए गया तो मुझे काफी जानकारी नहीं थी. इसलिए में बहुत कुछ नहीं देख पाया मसूरी में. लेकिन में ये बिलकुल भी नहीं चाहुगा की आप लोग जब मसूरी में घूमने के लिए जाये, तो कुछ मिस न करे. इसलिए में आपको मसूरी जाने से पहले , यहाँ के बारे में सम्पूर्ण जानकारी देने जा रहा हु.

तो क्या क्या देखे मसूरी में घूमते समय, उसकी लिस्ट नीचे आपको आपकी सुविधा के अनुसार दी जा रही है. मसूरी को 1800 सदी में ब्रिटिश मिलिट्री अधिकारी ने अपने एक साथी के साथ इस जगह को खोजा. उन्होंने इसे छुट्टी बिताने के लिए माकूल जगह समझा और अपना डेरा जमाया. यहां एक पौधा मंसूर बहुतायत में मिलता है कहते हैं इसकी वजह से ही इस जगह का नाम मसूरी पड़ा. शहर की भीड़ से दूर चीड़ और देवदार के जंगलों के बीच ऊंचे पहाड़ों से घिरे जलप्रपात मसूरी की शान हैं जो बारबार पर्यटकों को यहां आने के लिए आकर्षित करते हैं.

यह दक्षिण में हिमालय हिम पर्वतमाला उत्तर-पूर्व और दून घाटी, रुड़की, सहारनपुर और हरिद्वार के लिए एक अद्भुत दृश्य प्रस्तुत करता है. उत्कृष्ट जलवायु बनाता है यह एक आकर्षक छुट्टी रिसॉर्ट. सैर से मौजूद, यह उल्लास और गर्मियों के मौसम के दौरान मीरा बनाने के साथ कंपन करता है. बद्रीनाथ, केदारनाथ, Bandar-पुंछ, श्री कांथा और नंदा देवी चोटियों से यहाँ देखा जा सकता है. मसूरी, होनेमूनर के लिए स्वर्ग हैं और मसूरी एक लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में से एक स्थल हैं. यहां विंटर सीजन के दौरान स्नो फाल भी देखी जा सकती है. शिवालिक की पहाडियों में बसा यह शहर है तो छोटा सा पर इसकी खूबसूरती देखने लायक है.

मसूरी गंगोत्री का प्रवेश द्वार भी कहलाती है. देहरादून से मसूरी का रास्ता पहाडि़यों को काटकर बनाया हुआ है इसलिए इसपर चढ़ते समय कटावदार चाय बागानों और चावल की खेती देखने का अनुभव वहां जाकर ही लिया जा सकता है. रास्ते में पहाड़ी बच्चे निश्चल मुस्कान के साथ हाथ हिलाकर आपका स्वागत करते नजर आएंगे. मसूरी के छोटे से पैकेज में घूमने के लिए काफी जगह हैं. हर साल यहाँ काफी मात्रा मैं लोग आते हैं और इस जगह का लुत्फ़ उठाते हैं.

मसूरी कब जाएं Mausri kab jaye

मसूरी में साल के हर महीने में मौसम बेहद खुशनुमा रहता है जो हर साल भारी संख्या में पर्यटकों को आकर्षित करता है. यह हिल स्टेशन हर मौसम में सुंदर लगता है. हालांकि मसूरी घूमने का आदर्श समय मार्च से जून और सितंबर से नवंबर के बीच होता है. बारिश के वक्त यहां आना थोड़ा खतरनाक हो सकता है क्योंकि इस वक्त यहां बहुत फिसलन रहती है और ज्यादा बारिश में इस रास्तों को बंद भी कर दिया जाता है.

मसूरी कैसे पहुंचें Mausri kese pahuche

मसूरी आसानी से भारत के अन्य भागों से हवाई, रेल और सड़क मार्गों से जुड़ा हुआ है. इस गंतव्य का सब से नजदीकी एअरबेस जौली ग्रांट एअरपोर्ट है जो देहरादून में बना हुआ है. इस एअरपोर्ट की मसूरी से दूरी 60 किलोमीटर है. देहरादून रेलवेस्टेशन इसे गंतव्य स्थल का सब से नजदीकी रेल हेड है. वैसे दिल्ली के अतिरिक्त सहारनपुर, वाराणसी, हावड़ा व अमृतसर से भी यहां के लिए ट्रेनें उपलब्ध हैं. आगे का सफर आप टैक्सी या बस द्वारा आसानी से तय कर सकते हैं.

मसूरी में घूमने वाले स्थान Masuri me ghumne wale places

1. मॉल Mall

मसूरी के हिल रिसॉर्ट की जीवन रेखा ज़ाहिर है ably मॉल. मॉल की दुकानों की श्रृंखला के अलावा आसपास के पहाड़ों और नीचे दून घाटी के चमत्कारिक खा़का प्रदान करता है. पर्यटकों के शानदार सूर्यास्त का आनंद लें करने के लिए एक साथ आते हैं.

2. गन हिल Gun hill

मसूरी की दूसरी सब से ऊंची चोटी तक पहुंचने का सफर आप रोपवे के जरिए कर सकते हैं. 20 मिनट का यह रोमांचकारी सफर आप जिंदगी भर नहीं भूलेंगे. यहां से आप विभिन्न शृंखलाओं, जैसे बदरपूंछ, श्रीकंठ, पीठवारा व गंगोतरी ग्रुप के अनुपम सौंदर्य को भी जी भर कर निहार सकते हैं. यहां से पूरा मसूरी शहर नजर आता है.

3. ऊंट की पीठ रोड Unth ki pith road

तो तुम ऊंट की पीठ सड़क मसूरी में बाहर की जाँच करना चाहिए. सड़क रेगिस्तान के जहाज के पीछे की तरह घुमावदार है इसके आकार को अपने नाम बकाया है.

4. कैंपटी फाल्स Campty falls

ऊंचे पहाड़ों से गिरता यह जलप्रपात इस वादी का खास आकर्षण है. यह जगह मसूरी से 15 किलोमीटर दूर स्थित है. यहां उपलब्ध नौकायन और टौयट्रेन की सुविधा बच्चोंको खास लुभाती है. यही नहीं, यह स्थल पिकनिक मनाने के इच्छुक लोगों में बहुत लोकप्रिय है. यह झरना 5 अलगअलग धाराओं में बहता है. यह स्थल समुद्रतल से 4,500 फुट की ऊंचाई पर है.

5. नागा टिब्बा Naga Tibba

55 किमी के बारे में, ट्रेकिंग के लिए एक आदर्श जगह. नागा टिब्बा 10,000 फीट पर मसूरी के आस पास सबसे ऊंची चोटी है और घने जंगलों से आच्छादित है.

6. सुरखंडा देवी Surkhanda devi

देवी मंदिर मसूरी – टिहरी रोड नीचे 35 कि. मी., 10,000 फीट पर. एक चोटी पर बैठे, मंदिर एक कड़ी दो कि. मी. चढ़ाई रूप भक्तों की मांग है. मंदिर, कथा चला जाता है, जहां शिव की पत्नी (शिव हिंदू ट्रिनिटी में विध्वंसक है) के सिर गिर गई यह शिव की इसकी बहुत कोर करने के लिए ब्रह्मांड हिल गया था मौत का भयानक नृत्य को रोकने के लिए बंद कटा गया था के बाद साइट पर बनाया गया था.

7. यमुना पुल Yamuna bridge

मछली पकड़ने के लिए एक बड़ा आकर्षण. लेकिन आप एक परमिट के लिए कि जिला वन कार्यालयों से की जरूरत है. कुल दूरी लगभग 30 किलोमीटर है.

8. लखा मंडल Lakha mandal

80 कि. मी. दूर मसूरी-यमुनोत्री रोड पर. पुरातात्विक महत्व की मूर्तियों के साथ महाभारत के साथ जोड़ा.

9. लेक मिस्ट Lake mist

लेक मिस्ट केम्पटी फ़ॉल से वापसी के रास्ते में स्थित है. लेक मिस्ट एक अच्छा पर्यटन स्थान है. लेक मिस्ट में बोटिंग की सुविधा भी उपलब्ध है.

10. संतरा देवी मंदिर Santra devi temple

संतरा देवी मंदिर भी लेक मिस्ट कि तरहा केम्पटी फ़ॉल से वापसी के रास्ते में स्थित है. पहाडियों पर कुछ सीढियाँ चढ़ने के बाद संत संतरा द्वारा स्थापित संतरा देवी के दर्शन होते हैं.

11. म्युनिसिपल गार्डन मसूरी Municipal garden

मसूरी में ही कुछ दूरी पर स्थित म्युनिसिपल गार्डन स्थित है. म्युनिसिपल गार्डन को कंपनी गार्डन भी कहा जाता है. आज़ादी से पहले तक म्युनिसिपल गार्डन को बोटेनिकल गार्डन भी कहलाता था. म्युनिसिपल गार्डन में मानव निर्मित का एक छोटा सा झरना और झील है.

12. मसूरी झील Mausri jhill

मसूरी झील मसूरी का एक आकर्षक पर्यटन स्थान है. मसूरी झील में पैडल-बोट उपलब्ध रहती हैं.

13. क्लाउड एंड Cloud aind

क्लाउड एंड बंगला 1838 में एक ब्रिटिश मेजर ने बनवाया था. क्लाउड एंड मसूरी में बने पहले चार भवनों में से एक है. विदेशी पर्यटकों और नव विवाहित दंपत्तियों के लिए यह सबसे उपयुक्त होटल है.

14. भट्टा फॉल Bhatta fall

भट्टा फॉल मसूरी से 7 कि.मी. दूर मसूरी-देहरादून रोड पर स्थित है. भट्टा फॉल में स्नान और पर्यटन के लिए एक अच्छी जगह है.

15. झड़ीपानी फॉल Jhadipani fall

झड़ीपानी फॉल मसूरी-झड़ीपानी रोड पर मसूरी से 8.5 कि.मी. दूर स्थित है.

16. धनोल्टी Dhnolti

मसूरी से लगभग 25 किलोमीटर दूर मसूरी– टिहरी रोड पर स्थित शांत सी जगह है धनोल्टी. इस के मार्ग में चीड़ और देवदार के जंगलों के बीच बुरानखांडा से हिमालय का शानदार दृश्य देखा जा सकता है. यहां पर पर्यटकों के रहने के लिए बंगलों की भी व्यवस्था है. शहर की भीड़ से दूर यहां के पर्यटक बंगले में समय बिताना अपनेआप में एक अलग तरह का अनुभव होगा. आप चाहें तो मसूरी के फौरेस्ट हाउस में समय बिता सकते हैं. यमुना ब्रिज, चंबा व लखामंडल यहां के कुछ दर्शनीय स्थल हैं.

17. सर जौर्ज एवरेस्ट हाउस Ser Jorge everest house

मसूरी से 6 किलोमीटर की दूरी पर भारत के प्रथम सर्वेयर जनरल सर जौर्ज एवरेस्ट की ‘दि पार्क एस्टेट’ है. उन का आवास और कार्यालय यहीं था. यहां सड़कमार्ग से पहुंचा जा सकता है. विश्व की सब से ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट का नाम इन्हीं के नाम पर रखा गया है.

18. वाम चेतना केंद्र Vam chetna kendr

टिहरी बाईपास रोड पर लगभग 2 किलोमीटर की दूरी पर विकसित किया गया यह एक पिकनिक स्पौट है. इस के आसपास पार्क हैं जो देवदार के जंगलों और फूलों की झाडि़यों से घिरे हैं. यहां तक पैदल या टैक्सी से पहुंचा जा सकता है. पार्क में वन्यप्राणी, जैसे घुरार, हिमालयी मोर, मोनल आदि मुख्य आकर्षण हैं.

19. चाइल्डर्स लौज Childers laudge

लाल टिब्बा के निकट यह मसूरी की सब से ऊंची चोटी है. टूरिस्ट कार्यालय से यह 5 किलोमीटर दूर है. यहां तक घोड़े पर या पैदल पहुंचा जा सकता है. यहां से बर्फ के दृश्य देखना बहुत रोमांचक लगता है.

20. कैमल बैक रोड Camel back road

3 किलोमीटर लंबा यह रोड रिंक हौल के समीप कुलरी बाजार से आरंभ होता है जो लाइबे्ररी बाजार पर जा कर समाप्त होता है. इस सड़क पर पैदल चलना या घुड़सवारी करना अच्छा लगता है. सूर्यास्त का दृश्य यहां से सुंदर दिखाई पड़ता है.

21. पहला तिब्बती स्कूल First tibbati school

1960 में यहां पहला तिब्बती स्कूल खुला था. मसूरी में ही भारतीय प्रशासनिक सेवाओं के लिए तैयारी कराने का एकमात्र प्रशिक्षण केन्द्र लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी भी है. यहां प्रशासनिक सेवाओं के लिए युवाओं को तैयार किया जाता है.

शौपिंग पर कहा जाये Shopping par kaha jaye

आप गांधी चौक, कलरी बाजार व लैनड्योर बाजार से छडि़यां, हाथ के बुने आकर्षक डिजाइनों के स्वैटर व कार्डिगन खरीद सकते हैं. यहां आने पर ट्रेक हिमालयन औफिस के पास स्थित दुकानों से एंटिक सामान खरीदना न भूलिए. ब्रिटिशकाल के फर्नीचर व अन्य दुर्लभ वस्तुएं यहां उचित दामों पर मिलती हैं

में आशा करता हु की मेरे द्वारा दी गयी मसूरी की जानकारी आपको अच्छी लगी होगी और आपको मसूरी में घूमने में कोई भी दिक्कत नहीं होगी. अगर आपको हमारे द्वारा दी गयी जानकारी अच्छी लगी हो तो प्लीज हमे कमेंट करे और हमारी पोस्ट को लाइक भी करे. धन्यवाद्

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