चंबा की जानकारी हिंदी में

चंबा की जानकारी हिंदी में, chamba me kya dekhe

हैलो दोस्तों आपका मेरी वेबसाइट मययात्रा.इन्फो में आपका हार्दिक स्वागत है. में मनोज कुमार आपके लिए एक बार फिर से आपके घूमने के लिए कुछ जानकारी लेकर आया हु वो भी आपके प्यारे शहर चंबा की. चंबा एक खुबसूरत पर्यटन स्थल है जो की उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिले में स्थित है. जिसकी उचाई समुद्री तट से लगभग 1524 मीटर की है.

यह जगह अपने प्राकृतिक परिवेश और प्रदूषण रहित खूबसूरती क लिए पर्यटकों के बीच लोकप्रिय है. देवदार और चीड़ के पेड़ों से घिरा हुआ, चंबा का अन्नवेषित इलाका प्रकृति प्रेमियों के लिए एक सपनों की दुनिया के सामान है. क्या है चंबा के आस पास यह हिल स्टेशन अपने सेब और खुबानी के बाग और साथ ही साथ बुरांश के फूलों के लिए माना जाता है.

टिहरी बांध, सुरकंडा देवी मंदिर और ऋषिकेश की ओर बढ़ रहे पर्यटकों के लिए चंबा एक आदर्श ठहराव स्थल के रूप में कार्य करता है.श्री बागेश्वर महादेव मंदिर लोकप्रिय जगह हैं जो पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती हैं. चम्बा घूमने गए यात्रियों के लिए गब्बर सिंह नेगी के स्मारक काफी लोकप्रिय है.

चंबा कब जाये Chamba kab jaye

सामान्य व सुहाना मौसम होने की वजह यहाँ साल भर सैलानियों को देखा जा सकता है. गर्मी के मौसम के दौरान अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जाता है, जबकि न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहता है. जुलाई के महीने में इस क्षेत्र में मानसून के मौसम की शुरुआत हो जाती है. मानसून के दौरान चंबा में सामान्य से कम बारिश होती है

बारिश के मौसम के तुरंत बाद सर्दियों का मौसम लग जाता है जो कि नवंबर के महीने से शुरू होता है. इस दौरान न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जाता है. चंबा जाने का सबसे अच्छा समय हालांकि यात्रि साल के किसी भी समय चंबा घुमने के लिए जा सकते है, फिर भी ये ही सलाह दी जाती है की जब सर्दियाँ अपने खुमार पर होती है उस समय यहाँ यात्रा नहीं करें. मार्च और जून के बीच की अवधि, दर्शनीय स्थलों की यात्रा और अन्य बाहरी गतिविधियों के लिए आदर्श माना जाती है.

चंबा कैसे आए Chamba kese aaye

यात्रि चंबा जाने के लिए वायु, रेल और सड़क मार्ग से पहुँच सकते हैं.

1. वायु मार्ग By air

देहरादून में जॉली ग्रांट सबसे निकटतम हवाई अड्डा है. यह चंबा से 80 किमी की दूरी पर स्थित है और यहाँ से आप को दिल्ली के इंदिरा गाँधी इंटरनेशनल एअरपोर्ट के लिए नियमित उड़ानें मिल जाएँगी. यात्री जॉली ग्रांट से चंबा के लिए टैक्सी किराये पे ले सकते है. चंबा जाने के लिए एयरपोर्ट पंजाब के अमृतसर में है जो चंबा से 240 किलोमीटर दूर है. अमृतसर से चंबा जाने के लिए बस या टैक्सी की सेवाएं ली जा सकती हैं.

2. रेल मार्ग By train

ऋषिकेश रेलवे स्टेशन निकटतम रेलवे स्टेशन है, जो चंबा से लगभग 60 किमी की दूरी पर स्थित है. हिल स्टेशन पहुचने के लिए यात्री यहाँ से टैक्सी किराये पे ले सकते हैं. यहाँ से आप को निकट के शहरों के लिए बसें और टैक्सियां मिल जाएँगी. श्रीनगर, देहरादून, टिहरी, देवप्रयाग, उत्तरकाशी, मसूरी, और ऋषिकेश से आप को चंबा के लिए काफी बसें मिल जाएँगी. चंबा से 140 किलोमीटर दूर पठानकोट रेलवे स्टेशन है. पठानकोट दिल्ली और मुम्बई से नियमित ट्रैनों के माध्यम से जुड़ा हुआ है. यहां से बस या टैक्सी के द्वारा चंबा पहुंचा जा सकता है.

3. सड़क मार्ग By road

चंबा सड़क मार्ग से हिमाचल के प्रमुख शहरों व दिल्ली, धर्मशाला और चंडीगढ़ से जुड़ा हुआ है. राज्य परिवहन निगम की बसें चंबा के लिए नियमित रूप से चलती हैं.

चंबा में घूमने की जंगह Chamba me ghumne ki jangha

1. लक्ष्मीनारायण मंदिर Laxmi narayan temple

लक्ष्मीनारायण मंदिर चम्बा का सबसे विशाल और पुराना मंदिर है. कहा जाता है कि सवसे पहले यह मन्दिर चम्बा के चौगान में स्थित था भगवान विष्णु को समर्पित यह मंदिर राजा साहिल वर्मन ने 10 वीं शताब्दी में बनवाया था. यह मंदिर शिखर शैली में निर्मित है. मंदिर में एक विमान और गर्भगृह है मंदिर की छतरियां और पत्थर की छत इसे बर्फबारी से बचाती है.

2. चौगान Chaugan

चौगान 1 किलोमीटर लंबा और 75 मीटर चौड़ा खुला घास का मैदान है. चौगान में प्रतिवर्ष मिंजर मेले का आयोजन किया जाता है. एक सप्ताह तक चलने वाले इस मेले में स्थानीय निवासी रंग बिरंगी वेशभूषा में आते हैं. इस अवसर पर यहां बड़ी संख्या में सांस्कृतिक और खेलकूद की गतिविधियां आयोजित की जाती हैं.

3. चामुन्डा देवी मंदिर Chamunda devi temple

चामुन्डा देवी मंदिर मंदिर पहाड़ की चोटी पर स्थित है जहां से चंबा की स्लेट निर्मित छतों और रावी नदी व उसके आसपास का सुन्दर नजारा देखा जा सकता है. मंदिर एक ऊंचे चबूतरे पर बना हुआ है और देवी दुर्गा को समर्पित है. मंदिर के दरवाजों के ऊपर, स्तम्भों और छत पर खूबसूरत नक्काशी की गई है. मंदिर के पीछे शिव का एक छोटा मंदिर है. मंदिर चंबा से तीन किलोमीटर दूर चंबा-जम्मुहार रोड़ के दायीं ओर है. भारतीय पुरातत्व विभाग मंदिर की देखभाल करता है.

4. अखंड चंडी महल Akhand chandi mahal

अखंड चंडी महल का निर्माण राजा उमेद सिंह ने 1748 से 1764 ने करवाया था. महल का पुनरोद्धार राजा शाम सिंह के कार्यकाल में ब्रिटिश इंजीनियरों की मदद से किया गया. 1879 में कैप्टन मार्शल ने महल में दरबार हॉल बनवाया. बाद में राजा भूरी सिंह के कार्यकाल में इसमें जनाना महल जोड़ा गया. महल की बनावट में ब्रिटिश और मुगलों का स्पष्ट प्रभाव देखा जा सकता है. 1958 में शाही परिवारों के उत्तराधिकारियों ने हिमाचल सरकार को यह महल बेच दिया. बाद में यह महल सरकारी कॉलेज और जिला पुस्तकालय के लिए शिक्षा विभाग को सौंप दिया गया.

5. भरमौर Bharmour

चंबा की इस प्राचीन राजधानी को पहले ब्रह्मपुरा नाम से जाना जाता था. 2195 मीटर की ऊंचाई पर स्थित भरमौर घने जंगलों से घिरा है.

6. भांदल घाटी Bhandal ghati

यह घाटी वन्य जीव प्रेमियों को काफी लुभाती है. यह खूबसूरत घाटी 6006 फीट की ऊंचाई पर स्थित है. यह घाटी चंबा से 22 किमी .दूर सलूणी से जुड़ी हुई है. यहां से ट्रैकिंग करते हुए जम्मू-कश्मीर पहुंचा जा सकता है.

तो दोस्तों आप जब भी चंबा जाये, उसके बारे में हमारी वेबसाइट पर अपनी रॉय जरूर दे. हम आशा करते है की आपको हमारे द्वारा दी गयी चंबा की जानकारी अच्छी लगी होगी, अगर वाकई में आपको ये जानकारी यूस्फुल लगी हो तो कृपया हमारी पोस्ट को लाइक और कमेंट करना ना भूले. धन्यवाद्

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