कुल्लू मनाली की जानकारी

कुल्लू मनाली की जानकारी, manali ke baare mein bataye

हाय दोस्तों कैसे है आप सब, में आपका मित्र मनोज कुमार आज फिर से एक बेहतरीन जानकारी लेकर आया हु , जो की कुल्लू मनाली से सम्बंधित है. जी हां कुल्लू मनाली, ये नाम जुबान पर आते ही मन में एक शीत लहर सी दौड़ उठती है. मन करता है की आज ही उड़कर में कुल्लू मनाली पहुंच जाऊ. तो आज में आपको मेरी यात्रा कुल्लू मनाली की, के बारे में बताने जा रहा हु. यहाँ पर आपको कहा पर घूमने के लिए जाना होगा और क्या क्या देखना होगा. इसके बारे में भी आपको सम्पूर्ण जानकारी दूंगा.

कुल्लू मनाली घाटी हिमाचल प्रदेश में स्थित है. जब भी भारत में प्राकृतिक सौंदर्य की जगह देखना का जिक्र उठता है, तो सब लोगो का ध्यान एक दम से हिमाचल प्रदेश की में स्थित कुल्लू मनाई की और केंद्रित होता है. मनाली कुल्लू घाटी की गोद में स्थित है और पर्यटको को अपनी और लुभाने में सर्वोत्तम स्थान है. ये समुद्र तल से ऊपर 2050 मीटर की उचाई पर स्थित है. हिमाचल प्रदेश एक और तो धरम और आस्था का प्रतीक मना जाता है, तो दूसरी और ये प्राकृतिक सोन्द्रियता के लिए भी प्रसिद्ध है.

सैलानियों का स्वर्ग कहलाने वाली इन जगहों में वह सारी खूबियां हैं, जो किसी मनभावन पर्यटन स्थल में होनी चाहिए. मनाली मनु या ‘मनु के घर’ का निवास अर्थ मानवालय से अपने नाम व्युत्पन्न, और यहाँ, मंदिरों तीर्थ के रूप में स्तिथ हैं. अपने शांत वातावरण गर्म भारतीय ग्रीष्मकाल से पीड़ित लोगों के लिए एक आदर्श आश्रय प्रदान करता है.हिमाच्छादित पर्वत शिखर, हरी-भरी घाटियां, कल-कल बहती निर्मल नदियां और विभिन्न झीलों को देखना किसी सम्मोहन से कम नहीं है.

हरियाली से पटी कुल्लू घाटी Hariyali se pti kullu ghati

कुल्लू घाटी के बारे में कहा जाता है कि इसको पहले कुलंतापीठ के नाम से जाना जाता है, जिसका शाब्दिक अर्थ है रहने योग्य अंतिम स्थान. दिलचस्प है कि कुल्लू का उल्लेख रामायण, महाभारत, विष्णु पुराण जैसे महान भारतीय महाकाव्यों में भी आया है. त्रिपुरा के निवासी विहंगमणि पाल द्वारा खोजे गये इस खूबसूरत पहाड़ी स्थल का इतिहास पहली सदी का है.

कुल्लू मनाली जाने के लिए बेहतरीन समय Kullu manali jane ke liye best time

कुल्लू मनाली जाने के लिए सबसे अच्छा समय मार्च का माना जाता है, क्योंकि इस माह में मौसम बहुत सुहावना होता है. किन्तु, बर्फ़बारी देखने के लिए बहुत से लोग सर्दियों में भी यहाँ जाते हैं. अगर आप भी उन्हीं लोगों में हैं तो सर्दियों में ऊनी कपड़े ले जाना ना भूलें, क्योंकि इसके बिना ठण्ड आपके घूमने का मजा किरकिरा कर सकती है. ऐसे ही राफ्टिंग और पैराग्लाइडिंग का लुफ्त उठाने वाले पर्यटक जनवरी से मध्य अप्रैल के बीच जाएं तो ज्यादा बेहतर होगा.

घूमने के लिए क्या तैयारी करें Ghumne ke liye kya teyari kere

अगर आप कुल्लू मनाली घूमने की तैयारी कर रहे हैं, तो आपको इसके लिए पहले से ही तैयारी कर लेनी चाहिए, ताकि 9 की लकड़ी 90 की न पड़े, इसके लिए अगर आप कम पैसे में अपने शौक पूरा करना चाहते हैं तो ऑफ सीजन को चुनें, क्योंकि तब सुविधाएं कम पैसों में मिल सकती हैं. इसके साथ ऑफ़ सीजन में कम भीड़ होने से आप ज्यादा आनंद ले सकते हैं.

आपकी पॉकेट पर कम बोझ पड़े, इसके लिए होटल आदि की बुकिंग के लिए आप भिन्न-भिन्न बेबसाइट्स का प्रयोग कर सकते हैं, जो समय समय पर ऑफर देते रहते हैं. ऐसे ही घूमने के लिए आप पसंदीदा स्थलों को पहले चिन्हित कर लें. साथ में स्थल की जरूरी जानकारी जैसे होटल से दूरी, किराया इत्यादि के बारे में भी जानकारी लें, ताकि आप ठगी का शिकार न हों. खरीददारी के लिए आप पर्यटक स्थल के लोकल बाजार की भी जानकारी जरूर लें, ताकि ज़ेब पर ज्यादा बोझ न पड़े.

कुल्लू मनाली कैसे पहुंचें Kullu manali kese pahuche

देखने योग्य स्थानों के साथ अगर आप यहाँ जाने का मन बना चुके हैं तो इसके लिए आपको हम विभिन्न रास्ते बताते हैं, जो नजदीक होने के साथ सुविधाजनक भी हैं.

1. रेल मार्ग By train

यहाँ के नजदीकी रेलवे स्टेशन जोगिन्दर नगर, शिमला और चंडीगढ़ हैं.

2. सडक़ मार्ग By road

यहाँ जाने के लिए टैक्सी और लग्जरी बसें दिल्ली, चंडीगढ़ और कुल्लू से नियमित रूप से चलती हैं. राजधानी दिल्ली से मनाली की दूरी तकरीबन 550 किमी है, जिसे तय करने के लिए हिमाचल परिवहन के बसों की सेवा ली जा सकती है. अगर किराए की बात करें तो 480 रुपए से लेकर डीलक्स बसों का किराया 850 रुपए तक है.

3. हवाई मार्ग By flight

यहाँ पहुँचने के लिए नजदीकी हवाई अड्डा भुंतर है, जहाँ से कुल्लू 10 किलोमीटर और मनाली 50 किलोमीटर की दूरी पर है.

कहां पर रुके Kaha par ruke

यहाँ सस्ते से लेकर महंगे होटलों और रिसॉर्ट्स की भरमार है, जिनमें मनाली हट्स, होटल मनाल्सू, एचपीटीडीसी लॉग हट्स, सरवरी कुल्लू, होटल कैसला नग्गर, होटल कुंजम मनाली इत्यादि नाम गिनाये जा सकते हैं. वैसे बेहतर होगा, अगर आप इन्टरनेट सर्फिंग में कुछ और होटलों को अपने हिसाब से देखें और वहां उपलब्ध सुविधाओं की तुलना करें.

कुल्ली मनाली में क्या क्या देखें Kullu manali me kya kya dekhe

1. मनु मंदिर Manu temple

मनाली मनु ऋषि, जो पृथ्वी पर मानव जाति के निर्माता था के नाम पर है और यह माना जाता है कि वह यहाँ ध्यान साधना की. यह भारत में मनु के ही मंदिर माना जाता है.

2. अर्जुन गुफा Arjun gufa

नदी के बाएं किनारे पर ब्यास, Prini गांव के पास, ‘अर्जुन ‘Gufa या अर्जुन की गुफा है. यह माना जाता है कि अर्जुन तपस्या से भगवान इंद्र Pashupata Ashtra या हथियार प्राप्त करने के लिए अभ्यास किया है.

3. हाड़िम्बा मंदिर Hadimba temple

1553 में और एक superbly तैयार चार tiered शिवालय छत के साथ बनाया. यह Dhungiri वान विहार नामक एक जंगल के बीच में स्थित है. यह अपनी exquisitely नक्काशीदार द्वार के लिए प्रसिद्ध है. हाड़िम्बा मंदिर, देवी हाड़िम्बा के पैरों के निशान enshrines. हाड़िम्बा भीमा, महाभारत, के पांच महान दिन भीष्म ने पाण्डव भाइयों में से एक की पत्नी थी और कुल्लू के शाही परिवार की संरक्षक देवी बाद में बन गया.

4. गर्म पानी वशिष्ट स्प्रिंग्स और मंदिर

भर में ब्यास नदी है वशिष्ट, प्राकृतिक सल् फर के साथ एक छोटे से गांव स्प्रिंग्स. आधुनिक bathhouses, तुर्की शैली वर्षा, के साथ गर्म पानी औषधीय गुण से लाभ प्राप्त करने के लिए यहाँ आने वाले आगंतुकों की सुविधा के लिए उन्हें में पहुंचाया है. वहाँ एक हवामहल पत्थर वशिष्ट मुनि और एक अन्य मंदिर के भगवान राम को समर्पित मंदिर है.

5. जगतसुख Jagatsukh

मनाली से लगभग 6 किलोमीटर की दूरी ‘shikara’ शैली में प्रसिद्ध शिव मंदिर है. यह मंदिर भगवान शिव और संध्या गायत्री को समर्पित घरों.

6. मोनस्टरीज़ मठों Monasteries matho

मनाली अपने चमकदार gompas या बौद्ध मठों के लिए जाना जाता है. वहाँ तीन हाल ही में निर्मित तिब्बती मठों हैं.

7. रहेला झरने Rahala jharne

सुंदर रहेला Falls 2,501 मीटर की ऊंचाई पर लगभग 16 कि. मी. चढ़ाई के शुरू में मनाली से रोहतांग दर्रा, करने के लिए कर रहे हैं.

8. सोलंग घाटी Solang ghati

सोलंग घाटी मनाली के 13 किमी उत्तर पश्चिम में है. इसका असली मजा बर्फ़बारी में ही आता है और यहाँ जाने वाले तो यहाँ तक कहते हैं कि जब यहां बर्फ पड़ती है, तो वहीं ठहर जाने को जी चाहता है. Solang घाटी हिमनद और बर्फ ढकी पहाड़ों और चोटियों का दृश्य प्रदान करता है. एक सुरम्य सेटिंग में, यह अच्छा स्की ढलानों अंत पिकनिक स्पॉट है.

9. केलोंग Kelong

मनाली से लगभग 120 कि. मी. दूर हैं, केलोंग लाहौल का मुख्यालय है और स्पीति जिला माउंटेन के करदुंग और शाशूस महत्वपूर्ण आकर्षण हैं.

10. कोठी Kothi

कोठी के साथ एक जगह आकर्षक प्राकृतिक सौंदर्य, मनाली से सिर्फ 10-12 किमी. यह बर्फ से ढकी चोटियों और ग्लेशियरों की एक शानदार दृश्य प्रदान करता है.

11. सत्रमे Santrme

पट्टन घाटी में एक महत्वपूर्ण तीर्थ स्थान.

12. रोहतांग दर्रा Rohtang pass

रोहतांग दर्रा मनाली-Keylong रोड पर उच्चतम बिंदु है. यह सही मायने में एक सांस लेने दृष्टि है जो पहाड़ों तक बादलों के ऊपर, बढ़ती का एक व्यापक मनोरम दृश्य प्रदान करता है.

13. नाग्गर किला Naggar kila

यह किला मनाली के दक्षिण में है, जिसे पाल साम्राज्य का स्मारक भी कहा जाता है. चट्टानों, पत्थरों और लकड़ियों की विस्तृत कढ़ाई से बना यह किला हिमाचल के समृद्ध और सुरुचिपूर्ण कलाकृतियों का सम्मिश्रण है.

14. मानिकरण Manikaran

कुल्लू से करीब 45 किमी दूर मनाली जाने वाले रास्ते में स्थित है और पार्वती नदी के नजदीक अपने गर्म सोतों के लिए जाना जाता है. यहां के गर्म स्रोतो के बारे में मान्यता है कि इसमें स्नान करने से त्वचा सम्बंधी बीमारियां दूर होती है.

15. प्रसिद्ध खेल Sprots

स्कीइंग, लंबी पैदल यात्रा, पर्वतारोहण, पैरा ग्लाइडिंग, राफ्टिंग, ट्रेकिंग, Kayaking, माउंटेन बाइकिंग के लिए मशहूर है. मनाली के लिए अपने रसीला हरे देवदार के जंगलों और छाया पहाड़ों बर्फ काफी प्रसिद्ध है.

16. सरयू नदी के किनारे का रंग-बिरंगा दशहरा

17. 17वीं शताब्दी में निर्मित रघुनाथ जी का मंदिर

18. भिन्न-भिन्न एडवेंचर स्पोर्ट्स का संगम

19. हरियाली से पटे हुए मैदान

20. रोरिक कला दीर्घा

21. ऊरुसवती हिमालय

22. लोक कला संग्रहालय

23. शाम्बला बौद्ध थंगका कला संग्रहालय

24. काली बाड़ी मंदिर, रघुनाथ मंदिर, बिजली महादेव मंदिर और वैष्णो देवी मंदिर

तो दोस्तों कुल्लू मनाली की इस बेहतरीन जानकारी से आप आसानी से यहाँ की प्राकृतिक सौंदर्यता का आनद उठा सकते है. यदि आपको हमारे द्वारा दी गयी कुल्लू मनाली की जानकारी पसंद आयी हो तो, हमारी इस जानकारी को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें और साथ ही हमारी इस पोस्ट को लाइक भी करें. धन्यवाद्

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