ऊटी की जानकारी हिंदी में

ऊटी की जानकारी हिंदी में, ooty ki jankari

Ooty me kya hai, हेलो दोस्तों में आपका दोस्त मनोज एक बार फिर से आपके लिए लाया हु एक और बेहतरीन घूमने की जंगह ऊटी. ऊटी बहुत ही खूबसूरत शहर है घूमने के पर्पस से. ऊटी दरअसल तमिलनाडु राज्य का एक शहर है. कर्नाटक और तमिलनाडु की सीमा पर बसा यह शहर मुख्य रूप से एक हिल स्टेशन के रूप में जाना जाता है. इसे उधगमंडलम भी कहा जाता है. कोयंबटूर यहां का निकटतम हवाई अड्डा है. सड़कों द्वारा यह तमिलनाडु और कर्नाटक के अन्य हिस्सों से अच्छी तरह जुड़ा है, परन्तु यहां आने के लिये कन्नूर से रेलगाड़ी या ट्वाय ट्रेन की जाती है.

यह तमिलनाडु प्रान्त में नीलगिरी की पहाड़ियों में बसा हुआ एक लोकप्रिय पर्वतीय स्थल है. उधगमंडलम शहर का नया आधिकारिक नाम तमिल है. ऊटी समुद्र तल से लगभग 7440 फीट (2268 मीटर) की ऊंचाई पर स्थित है. ऊटी को ‘हिल स्टेशन की रानी’ भी कहा जाता है. रोमेंटिक होने के साथ-साथ प्राचीन समुद्र तटों, हिल स्टेशनों और शानदार वन्य जीवन का सजीव प्रतीक दक्षिण भारत यात्रा करने के लिए एक आदर्श जगह है. सभी रोमांच प्रेमियों तथा प्रकृति प्रेमियों के लिए ऊटी बेहतरीन स्थानों में से एक है.

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ऊटी कब जाएँ Ooty kab jaye

अप्रैल से जून तक का मौसम ऊटी के लिए सबसे अच्छा माना जाता है.

ऊटी में घूमने की जंगह Ooty me ghumne ki jagah

1. ऊटी झील

ऊटी झील को देखना अपने आप में एक अनोखा और सुखद अनुभव है. झील के चारों ओर फूलों की क्यारियों में तरह-तरह के रंगबिरंगे फूल यहां की ख़ूबसूरती में चार चांद लगाते हैं. झील में मोटर बोट, पैडल बोट और रो बोट्स में बोटिंग का लुत्फ भी उठाया जा सकता है. इस झील का निर्माण यहां के पहले कलेक्टर जॉन सुविलिअन ने सन् 1825 में करवाया था.

यह झील 2.5 किमी. लंबी है. यहां आने वाले पर्यटक बोटिंग और मछली पकड़ने का आनंद ले सकते हैं. मछलियों के लिए चारा खरीदने से पहले आपके पास मछली पकड़ने की अनुमति होनी चाहिए. यहां एक बग़ीचा और जेट्टी भी है. इन्हीं विशेषताओं के कारण प्रतिवर्ष 12 लाख दर्शक यहां आते हैं.

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2. लेक गार्डन

यूँ तो यह गार्डन अपनी खूबसूरती से बच्चों को आकर्षित करता ही है परन्तु इससे बड़े बूढ़े भी अछूते नहीं रह पाते. यह पिकनिक मनाने का बहुत ही खूबसूरत स्थल है.

3. केटी वैली

केटी वैली एक बेहद खूबसूरत पहाड़ी है जहाँ अक्सर पर्यटक पिकनिक मनाने आते हैं. साथ ही यहाँ के छोटे छोटे गांव का लुफ्त भी उठाने आते हैं. यह ऊटी से कुन्नूर के रास्ते पर पड़ता है.

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4. दोड्डाबेट्टा

डोडाबेट्टा ऊटी से लगभग 8 किलोमीटर दूर स्थित है. यह नीलगिरी का सबसे ऊंचा पर्वत है. इसकी ऊंचाई 2,636 मीटर है. यहां से पूरे इलाक़े का विहंगम दृश्य देखा जा सकता है. यह चोटी समुद्र तल से 2623 मीटर ऊपर है. यह ज़िले की सबसे ऊंची चोटी मानी जाती है.

यह चोटी ऊटी से केवल 10 किमी. दूर है इसलिए यहां आसानी से पहुंचा जा सकता है. यहां से घाटी का नज़ारा अद्भुत दिखाई पड़ता है. लोगों का कहना है कि जब मौसम साफ़ होता है तब यहां से दूर के इलाक़े भी दिखाई देते हैं जिनमें कायंबटूर के मैदानी इलाक़े भी शामिल हैं.

5. वनस्पति उधान

बोटेनिकल गार्डन अपने मनमोहक दृश्यों और हरियाली के कारण पर्यटकों के बीच खासा लोकप्रिय है. यहाँ लगे पेड़-पौधे बेहद खूबसूरत लगते हैं. आप यहाँ आके इस गार्डन के मनमोहक नज़ारो को आँखों में कैद कर सकते हैं.

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6. कालहट्टी झरना

कालहट्टी जलप्रपात ऊटी का एक ख़ूबसूरत दर्शनीय स्थल है. यह जलप्रपात लगभग 100 फुट ऊंचा है. यहां का सौंदर्य देखकर लोग मंत्रमुग्ध हो जाते हैं. यहां अनेक प्रकार के पर्वतीय पक्षी भी देखे जा सकते हैं. कालपट्टी के किनारे स्थित यह झरना 100 फीट ऊंचा है. यह वॉटरफॉल्स ऊटी से केवल 13 किमी. की दूरी पर है.

इसलिए ऊटी आने वाले पर्यटक यहां की सुंदरता को देखने भी आते हैं. झरने के अलावा कलहट्टी-मसिनागुडी की ढलानों पर जानवरों की अनेक प्रजातियां भी देखी जा सकती हैं, जिसमें चीते, सांभर और जंगली भैसा शामिल है.

7. वेनलाक डाउंस

वेनलाक डाउंस में हिन्दुस्तान फिल्म की फैक्ट्री है. यहाँ पर्यटक ऐसे नहीं आ सकते क्यूंकि यहाँ आना निषेध है अगर आप यहाँ आना चाहते हैं तो आपको इसकी इजाज़त लेनी पड़ेगी.

8. कुन्नूर

कुन्नूर का यह खूबसूरत सिम पार्क ऊटी आने वाले पर्यटकों के लिए एक सौगात है हालांकि यह ऊटी से 30 किलोमीटर की दूरी पर है. परन्तु आप यहाँ आके यहाँ के खूबसूरत नज़ारों का जी भरके लुफ्त उठा सकते हैं.

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9. कोटगिरी

कोटागिरी हिल ऊटी से 28 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. कोटागिरी हिल प्राकृतिक सुंदरता के लिए दर्शनीय स्थल है. यहां के चाय बाग़ानों को देखने के लिए पर्यटक दूर-दूर से आते हैं. नीलगिरी के तीन हिल स्टेशनों में से यह सबसे पुराना है. यह ऊटी और कून्नूकी तरह प्रसिद्ध नहीं है, लेकिन यह माना जाता है कि इन दोनों की अपेक्षा कोटागिरी का मौसम ज़्यादा सुहावना होता है. यहां बहुत ही सुंदर हिल रिजॉर्ट हैं, जहां चाय के बहुत खूबसूरत बाग़ान हैं. हिल स्टेशन की सभी खूबियां यहां मौजूद लगती हैं. यहां की यात्रा आपको निराश नहीं करेगी.

10. एल्फ हिल्स

एल्फ हिल्स पहाड़ी से ऊटी का मनोरम दृश्य बेहद खूबसूरत दिखाई देता है. यहाँ आकर आप ऊटी के नज़ारों को मन भावन देख सकते हैं. यह एक बेहतरीन पिकनिक स्थल है.

11. एवेलांचे

एवेलांचे एक खूबसूरत वन है जो कि ऊटी से तक़रीबन 25 किलोमीटर की दूरी पर मौजूद है. यहाँ एक सुन्दर रिसोर्ट होने के साथ साथ एक अद्भुत नदी भी है. जिसके किनारे बैठ आप मछली पकड़ने के साथ साथ पानी की कल कल करती सुन सकते हैं.

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12. बॉटनिकल गार्डन

यहां के दर्शनीय स्थलों में सबसे पहला नाम बॉटनिकल गार्डन का आता है. यह गार्डन 22 एकड़ में फैला हुआ है और यहां लगभग 650 दुर्लभ किस्म के पेड़-पौधों के साथ-साथ, अद्भुत ऑर्किड, रंगबिरंगे लिली के फूल, ख़ूबसूरत झाड़ियां व 2000 हज़ार साल पुराने पेड़ के अवशेष देखने को मिलते हैं. वनस्पति विज्ञान में रुचि रखने वालों के लिए यह एक प्रमुख स्थान है.

इस वनस्पति उद्यान की स्थापना सन 1847 में की गई थी. 22 हेक्टेयर में फैले इस ख़ूबसूरत बाग़ की देखरख बाग़वानी विभाग करता है. यहां एक पेड़ के जीवाश्म संभाल कर रखे गए हैं. जिसके बारे में माना जाता है कि यह 20 मिलियन वर्ष पुराना है. प्रकृति प्रेमियों के बीच यह गार्डन बहुत लोकप्रिय है. मई के महीने में यहां ग्रीष्मोत्सव मनाया जाता है. इस महोत्सव में फूलों की प्रदर्शनी और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिसमें स्थानीय प्रसिद्ध कलाकार भाग लेते हैं.

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ऊटी कैसे जाएँ Ooty kese jaye

1. वायु मार्ग By air

वायु मार्ग द्वारा निकटतम हवाई अड्डा कोयम्बटूर है. यहाँ से ऊटी 88 किलोमीटर दूर है. यह रास्ता रेल,टैक्सी या बस द्वारा तय किया जा सकता है.

2. रेल मार्ग By rain

रेल मार्ग द्वारा कोयम्बटूर और चेन्नई से ऊटी के लिए ट्रैन चलती है. मेट्टुपलायम से ऊटी के लिए प्रतिदिन खिलौना गाड़ी चलती है, जो ऊटी पांच घंटे में पहुंचाती है. यह यात्रा बहुत रोमांचक होती है.

3. सड़क मार्ग By raod

सड़क मार्ग द्वारा कोयंबटूर से बस या टैक्सी से ऊटी जाया जा सकता है.

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खाने में क्या है खास Khane me kya hai khaas

यहां पर आपको कई रेस्टोरेन्ट मिलेंगे, जहां पर आप अपनी पसंद का भोजन कर सकते हैं. यहां पर मुख्य रूप से आपको साउथ इंडियन भोजन मिलेगा, पर कुछ रेस्टोरेन्ट आपको ऐसे भी मिलेंगे जो ईस्ट इंडियन भोजन देने के लिए ही प्रसिद्ध हैं. इसके अलावा चाइनीज या इंडो चाइनीज खाने के लवर्स के लिए “शिन्कोव्स” जैसे रेस्टोरेन्ट और वेस्टर्न खाने के लिए अच्छे रेस्टोरेन्ट उपलब्ध हैं. यहां हम आपको कुछ ऐसे ही रेस्टोरेन्ट के बारे में बता रहे हैं जहां आप अपनी पसंद का भोजन कर सकते हैं.

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तो दोस्तों इस जानकारी से आपको बहुत फायदा होगा और में ये भी आशा करता हु की आप जब भी ऊटी घूमने के लिए जायेगे, तो आपको कोई भी परेशानी नहीं होगी घूमने में. अगर आपको मेरी ये पोस्ट द्वारा दी गयी ऊटी की जानकारी अच्छी लगी हो तो आप इस पोस्ट को लाइक और शेयर करना ना भूले. धन्यवाद्

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